रिटायरमेंट के लिए बेहतर है फंड
कामकाजी जिंदगी का एक अहम पहलू है रिटायरमेंट प्लानिंग। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए ईपीएफ, पीपीएफ, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और कुछ परंपरागत इंश्योरेंस प्लान लेकर लोग सोचते हैं कि रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक जरूरतों के लिए यह काफी हैं। लेकिन बढ़ती हुई महंगाई को देख कर इन उत्पादों से होने वाली आय से आर्थिक जरूरतों का बहुत कम ही हिस्सा पूरा हो जाएगा। लिहाजा निवेशकों के लिए निवेश का ऐसा विकल्प चुनना जरूरी है, जिससे रिटायरमेंट के बाद की जीवनशैली भी मौजूदा रहन-सहन के स्तर के बराबर या इससे अच्छा हो।
निवेश पर महंगाई का असर
यूं तो ईपीएफ, पीपीएफ , नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट जैसे बचत इंस्ट्रूमेंट्स सुरक्षित रिटर्न के बेहतर माध्यम हैं लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इन उत्पादों पर आठ-नौ फीसदी का ही रिटर्न मिल रहा है। मौजूदा दौर में महंगाई दर औसतन नौ फीसदी के नजदीक बनी हुई है। इसलिए आठ-नौ फीसदी का रिटर्न भी कोई फायदा नहीं पहुंचा सकेगा।
म्यूचुअल फंड बेहतर विकल्प
रिटर्न पर महंगाई के दबाव को देखते हुए निवेशक क्या करें? रिटायरमेंट के बाद बेहतर माली हालत के लिए निवेश का कौन सा माध्यम अपनाए, जिससे ज्यादा रिटर्न हासिल हो सके। इस सिलसिले में एक निवेश माध्यम निवेशकों की मदद कर सकता है। यह माध्यम है म्यूचुअल फंड का। लेकिन म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको खुद से कुछ सवाल पूछने चाहिए।
पहला यह कि आपके रिटायरमेंट में कितने साल बचे हैं। रिटायरमेंट के बाद आपको अपना जीवनस्तर बनाए रखने के लिए कितना पैसा चाहिए। आपके जोखिम लेने की क्षमता कितनी है? रिटायरमेंट के बाद मौजूदा जीवनस्तर को बरकरार रखने के लिए आपको कितनी मासिक आय चाहिए? एक बार इन सवालों के जवाब खोज लेने के बाद इन जरूरतों को पूरा करने में म्यूचुअल फंड मददगार साबित हो सकते हैं।
जरूरत के हिसाब से फंड
आप अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न के लिए ऐसे म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं, जो शेयरों में निवेश करते हों। डेट फंड, रेग्यूलर इनकम फंड और गोल्ड फंड निवेश पर बेहतर रिटर्न के लिए अच्छे साबित हो सकते हैं। जोखिम से बचने के लिए आप लिक्विड फंड जैसे फंड भी चुन सकते हैं। आप ऊंचे जोखिम वाले सेक्टोरल फंड में भी निवेश कर सकते हैं। हाइब्रिड फंड, जो इक्विटी और डेट दोनों में पैसा लगाते हैं, उनमें भी निवेश कर सकते हैं।
सिप के जरिये करें निवेश
रिटायरमेंट के बाद के लिए पैसे की व्यवस्था करना बच्चों की शिक्षा और घर खरीदने के बाद की जिम्मेदारी है। इसलिए जाहिर है रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए आपको लंबा समय मिल सकता है। इस लिहाज से म्यूचुअल फंड बेहतर रिटर्न देने वाला निवेश इंस्ट्रूमेंट है। म्यूचुअल फंड में भी सिस्टमेटिक इनवेस्ट प्लान (सिप) आम निवेशकों के लिए मुफीद बैठता है।
एक उदाहरण के जरिये इसे समझा जा सकता है। पिछले दस साल के दौरान सबसे अच्छे फंड में से एक रिलायंस ग्रोथ फंड ने हर साल लगभग 36 फीसदी का रिटर्न दिया है। अगर आपने 2001 में रिलायंस ग्रोथ फंड में एक लाख रुपये लगाए होते तो आपको अगस्त 2011 में 22 लाख रुपये मिलते।
Source:Source: Business bureau
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